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वक्त बेचने वाली दुकान

वक्त बेचने वाली दुकान

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Fantasy

“वक्त बेचने वाली दुकान” (Series Description) हर शहर में एक ऐसी जगह होती है… जो नक्शों में नहीं मिलती। जो सिर्फ उन्हें दिखाई देती है — जो पछतावे, दर्द या अधूरी इच्छाओं से टूट चुके....

“वक्त बेचने वाली दुकान” (Series Description) हर शहर में एक ऐसी जगह होती है… जो नक्शों में नहीं मिलती। जो सिर्फ उन्हें दिखाई देती है — जो पछतावे, दर्द या अधूरी इच्छाओं से टूट चुके होते हैं। वही है — “वक्त बेचने वाली दुकान।” यह कोई आम दुकान नहीं। यहाँ पैसे नहीं चलते। यहाँ सौदा होता है — यादों का, भावनाओं का, रिश्तों का… और कभी-कभी बचपन का। जो भी यहाँ आता है, उसे एक मौका मिलता है — बीते हुए समय में लौटने का। एक गलती सुधारने का। किसी अपने को बचाने का। या बस एक आखिरी अलविदा कहने का। लेकिन हर सौदे की एक कीमत होती है। और वह कीमत अक्सर उतनी ही भारी होती है जितना पछतावा। कहानी किसकी है? यह कहानी है आर्यन की — एक साधारण लड़का, जिसे अचानक एक रहस्यमयी काँच का टुकड़ा मिलता है। यह टुकड़ा सिर्फ शीशा नहीं… यह समय की दरारें दिखाता है। भविष्य की संभावनाएँ खोलता है। और उसे बना देता है — समय का प्रहरी। उसका काम? हर उस सौदे को देखना… जहाँ इंसान अपनी भावनाओं को दाँव पर लगा देता है। हर एपिसोड में एक नई कहानी। एक नया इंसान। एक नई गलती। एक नया फैसला। लेकिन धीरे-धीरे… आर्यन समझने लगता है कि हर बार दूसरों को बचाते-बचाते वह खुद बदल रहा है। काँच का टुकड़ा दरारों से भरता जा रहा है। सौदागर और शक्तिशाली होता जा रहा है। और संतुलन… बिगड़ रहा है। इस सीरीज़ का मूल सवाल क्या हर गलती सुधारी जानी चाहिए? क्या हर दर्द मिटाया जाना सही है? क्या बिना पछतावे के इंसान पूरा रह सकता है? या फिर… दर्द ही हमें इंसान बनाता है? थीम्स पछतावा और मोचन समय और नियति भावनाओं की कीमत मासूमियत बनाम मजबूती सही और आसान के बीच की लड़ाई क्यों खास है यह कहानी? हर एपिसोड एक अलग भावनात्मक सफर है — कभी माँ का दर्द, कभी बच्चे की मासूम इच्छा, कभी किसी प्रेमी का पछतावा। लेकिन पीछे हमेशा वही दुकान है… वही सौदागर… और वही सवाल — अगर तुम्हें एक मौका मिले… तो तुम क्या दोगे बदले में? अगर चाहो भाई, तो मैं इसका Netflix-style trailer script Poster tagline Character bios Season 1 overview भी बना दूँ

Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.

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