
भाग्य और समय का संघर्ष
एक आम इंजीनियरिंग छात्र आरव, आईपीएल मैच देखते हुए अचानक खुद को कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में पाता है, जहाँ तलवारों की खनक और घोड़ों की टापें मौत का ऐलान....
एक आम इंजीनियरिंग छात्र आरव, आईपीएल मैच देखते हुए अचानक खुद को कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में पाता है, जहाँ तलवारों की खनक और घोड़ों की टापें मौत का ऐलान कर रही हैं। इक्कीसवीं सदी का उसका स्मार्टफोन अब एक रहस्यमयी श्लोक दिखाता है: 'कालः सर्वं भक्षयति' – समय सब कुछ खा जाता है। एक सैनिक उसे जासूस समझकर बंदी बना लेता है, और आरव को उस रथ के सामने घसीटा जाता है जहाँ एक शांत, रहस्यमयी व्यक्ति खड़ा है जो उसका नाम जानता है। 'कर्मचक्र अब शुरू हो चुका है,' वह कहता है, और आरव को मौत की सज़ा सुनाई जाती है। क्या यह सिर्फ एक बुरा सपना है, या आरव सचमुच समय के जाल में फँस गया है? एक अनजान लड़की उसे भागने में मदद करने का वादा करती है, लेकिन चेतावनी देती है कि इस दुनिया में कोई वैसा नहीं है जैसा दिखता है। क्या आरव अपने घर लौट पाएगा, या उसे इस प्राचीन युद्ध में अपनी नियति का सामना करना होगा?