
बेदखल मुर्दे
क्या मौत के बाद इंसान के सारे गुनाह माफ हो जाते हैं? या फिर कुछ गुनाह इतने गहरे होते हैं कि कब्र की मिट्टी भी उन्हें छुपा नहीं पाती? दुनिया खत्म....
क्या मौत के बाद इंसान के सारे गुनाह माफ हो जाते हैं? या फिर कुछ गुनाह इतने गहरे होते हैं कि कब्र की मिट्टी भी उन्हें छुपा नहीं पाती? दुनिया खत्म हो चुकी है। हाइवे पर कबाड़ हो चुकी गाड़ियां खड़ी हैं, मोबाइल नेटवर्क महीनों पहले दम तोड़ चुके हैं, और पूरा देश एक खौफनाक सन्नाटे में डूब गया है. यह कोई आम ज़ॉम्बी महामारी नहीं है। इस संक्रमण से मरने वाला हर इंसान वापस लौट रहा है—लेकिन वह मांस का भूखा जानवर नहीं है। वह अपने साथ सिर्फ एक याद लेकर लौटता है... वह क्षण जब उसके साथ सबसे बड़ा अन्याय हुआ था, वह चेहरा जिसने उसकी जिंदगी तबाह की थी। शरीर गल चुका है, लेकिन बदले की आग उन्हें चला रही है। मिलिए विक्रांत राय से। आपदा से पहले वह एक भ्रष्ट सरकारी भूमि सर्वेक्षक था, जिसने हाईवे और बड़ी फैक्ट्रियों के लिए जाली कागज़ात बनाकर न जाने कितने गरीब किसानों की ज़मीनें छीनी थीं। वह खुद को सिर्फ "कागज़ का आदमी" कहता था। अब, इस तबाह हो चुकी दुनिया में, उसने एक विशाल इंडस्ट्रियल कैंपस पर कब्ज़ा कर लिया है। वह इस किले का क्रूर तानाशाह है, जो पानी और राशन के बदले लोगों से उनकी आज़ादी छीन रहा है। विक्रांत को लगता था कि उसने मौत को भी मात दे दी है। लेकिन एक रात, उसके सुरक्षित किले के गेट पर एक मुर्दा आकर खड़ा होता है। वह कोई अजनबी नहीं है। वह रामू काका है—वही किसान जिसकी ज़मीन विक्रांत ने छीनी थी और जिसने उसी ज़मीन पर फांसी लगा ली थी। रामू काका की मरी हुई आँखों में एक पुरानी रंजिश है। अब, हर रात विक्रांत के किले के बाहर एक नया चेहरा आकर खड़ा हो जाता है—एक ऐसा चेहरा जिसे उसने अपने रसूख और कागज़ों की ताकत से बर्बाद किया था। ये मुर्दे हमला नहीं कर रहे हैं, वे बस अपनी ज़मीन, अपने हक और अपने इंसाफ का हिसाब मांग रहे हैं। विक्रांत के किले के अंदर राशन खत्म हो रहा है, लोग बगावत पर उतर आए हैं, और उसकी अपनी पत्नी उसे एक राक्षस समझने लगी है। सत्ता को बचाए रखने के लिए विक्रांत हर दिन एक नई नैतिक लक्ष्मण रेखा पार कर रहा है, जिससे वह भीतर ही भीतर खोखला होता जा रहा है। सुनिए 'बेदखल मुर्दे'। यह सिर्फ सर्वाइवल हॉरर नहीं, यह कर्मों का खौफनाक हिसाब है। क्या विकास के नाम पर छीनी गई ज़मीनें अपना हिसाब लेने लौट आई हैं? जानने के लिए अभी प्ले करें!
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.


Access all the episodes
Quick Facts
- Total Episodes:
- 35
- Genre:
- Sci-Fi
- Status:
- Completed
- Audience Rating:
- 5/5.0