
धर्म ज्योति
कलियुग अपने चरम पर है। धर्म का प्रकाश मंद पड़ चुका है और अधर्म मानव के हृदय पर शासन कर रहा है। युगों से प्रभु श्रीराम के वचन का पालन कर रहे....
कलियुग अपने चरम पर है। धर्म का प्रकाश मंद पड़ चुका है और अधर्म मानव के हृदय पर शासन कर रहा है। युगों से प्रभु श्रीराम के वचन का पालन कर रहे महावीर हनुमान अपने भक्तों की रक्षा में लगे हैं। लेकिन संसार की बढ़ती हुई दुर्दशा देखकर पहली बार उनके मन में एक प्रश्न जन्म लेता है— क्या वे अपने प्रभु के विश्वास पर खरे उतर पा रहे हैं? और तभी... उनके एक अश्रु से जन्म लेती है एक रहस्यमयी ज्योति। एक ऐसा बालक, जिसका आगमन केवल संयोग नहीं, बल्कि एक दिव्य योजना का संकेत है। क्या यह बालक कलियुग के अंधकार को चुनौती देगा? क्या वह धर्म की खोई हुई ज्योति को पुनः प्रज्वलित कर पाएगा? धर्म, भक्ति, रहस्य और अद्भुत शक्तियों से भरी एक महागाथा— धर्म ज्योति।