
धर्मयुध
पहुंचकर बोला- "हैलो सर।" "हैलो, सर नहीं नमस्ते।" "सॉरी मगर आज आप बहुत सुबह- सुबह आ गए?" "रात एक बजे चल दिया था न?" विकास ने उस व्यक्ति को बहुत ध्यानपूर्वक देखते हुए....
पहुंचकर बोला- "हैलो सर।" "हैलो, सर नहीं नमस्ते।" "सॉरी मगर आज आप बहुत सुबह- सुबह आ गए?" "रात एक बजे चल दिया था न?" विकास ने उस व्यक्ति को बहुत ध्यानपूर्वक देखते हुए कोड का जवाब दिया। "आइए।" कहने के साथ ही वह मुड़ा और उसकी अगवानी सी करता हुआ एयरपोर्ट की इमारत से बाहर की तरफ बढ़ गया। विकास ने भी उसके पीछे अपने कदम बढ़ाए जाने क्यों, पैनी दृष्टि से उसने अपने चारों तरफ का निरीक्षण किया-दाईं तरफ बड़ी तेजी से उसने एक युवक को सरककर थम्ब के पीछे छुपते देख लिया - वह ठिठका-सिर्फ एक पल के लिए अगले ही पल उसने लापरवाही का प्रदर्शन करते हुए कदम आगे बढ़ा दिए। ऊपर से भले ही वह लापरवाह नजर आ रहा था, किन्तु अन्दर ही अन्दर पूरी तरह सतर्क हो चुका था वह समझ चुका था कि उस पर नजर रखी जा रही है-ड्राइवर के पीछे बढ़ते हुए उसने एक बार पुनः कनखियों से थम्ब की तरफ देखा-थम्ब के पीछे से झांककर एक चेहरे पर फिक्स दो आंखें उसी को देख रही थीं-एक बार को तो लड़के की इच्छा हुई कि वह रुके घूमे झपटे और उस युवक की गरदन थाम ले मगर विजय की चेतावनी को याद करके अपना यह नेक विचार फिलहाल स्थगित कर दिया। हां किसी भी किस्म के हमले का सामना करने के लिए वह चौकस जरूर हो गया था। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही वह चौंक पड़ा-चौंकने का कारण चप्पे-चप्पे पर तैनात सेमिनार के सैनिक थे कई सैनिक जीपें खड़ी थीं सशस्त्र सैनिक अपने-अपने स्थान पर चहलकदमी कर रहे थे और सड़क पर आ-जा रहे यात्रियों के चेहरों पर उसने अजीब-सी सफेदी देखी। विकास के दिमाग में कई सवाल उठे। चप्पे-चप्पे पर इतनी अधिक संख्या में सशस्त्र सैनिक क्यों हैं? नागरिकों के चेहरों पर अजीब-सी दहशत क्यों है? वातावरण में एक खिंचाव था... अजीब-सा सन्नाटा उसे विचित्र-सा लगा-यह सन्नाटा क्यों है? क्या सचमुच मजलिस्तान की भीतरी स्थिति वैसी ही है जैसी विश्वभर के अखबार या रेडियो बता रहे हैं यदि वह सच है तो सारे वातावरण पर छाए इस सन्नाटे का क्या अर्थ है? यही सब सोचता हुआ विकास उस काली और लम्बी कार की पिछली सीट पर बैठ गया, जिसका दरवाजा ड्राइवर ने बन्द किया जिस वक्त घूमकर वह ड्राइविंग सीट की तरफ आ रहा था, उसी समय में विकास ने बड़ी तेजी से एक छोटा-सा रिवॉल्वर जुराब से निकालकर कोट की भीतरी जेब में डाल लिया। अपनी सीट पर बैठकर ड्राइवर ने गाड़ी स्टार्ट की।
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