
दिल ना किसी से लगाना
बारिश की बूँदों के बीच, अनन्या अपनी कार में बैठी है, आँखों में एक ऐसी गंभीरता लिए जो उसकी उम्र से कहीं ज़्यादा गहरी है। उसे प्यार से नफ़रत है,....
बारिश की बूँदों के बीच, अनन्या अपनी कार में बैठी है, आँखों में एक ऐसी गंभीरता लिए जो उसकी उम्र से कहीं ज़्यादा गहरी है। उसे प्यार से नफ़रत है, क्योंकि उसने अपने घर में रिश्तों को टूटते देखा है, और उसने खुद से वादा किया है कि वह कभी किसी से दिल नहीं लगाएगी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर है, जब उसकी मुलाक़ात अर्जुन मल्होत्रा से होती है, एक ऐसा शख़्स जो पहली ही नज़र में उसे इरिटेट कर देता है। ऑफिस में हुई तीखी बहस के बाद, अनन्या को पता चलता है कि अर्जुन वही है जिसके परिवार को उसके पिता राजीव शर्मा ने सालों पहले बहुत दर्द दिया था। अब, जब अतीत के घाव फिर से हरे हो रहे हैं और दोनों को एक साथ काम करना पड़ रहा है, क्या अनन्या अपने दिल को प्यार से दूर रख पाएगी, या अर्जुन के साथ उसका रिश्ता एक नए दर्द की शुरुआत होगा?