
घड़ी - A Midnight Shop
राजीव सावन द्वारा प्रस्तुत यह ऑडियो सीरीज घड़ी - The Midnight Shop सस्पेंस थ्रिलर कहानी की दुनिया में नए आयाम गढ़ती है। "वक्त सबको मारता है, पर इस दुकान में....
राजीव सावन द्वारा प्रस्तुत यह ऑडियो सीरीज घड़ी - The Midnight Shop सस्पेंस थ्रिलर कहानी की दुनिया में नए आयाम गढ़ती है। "वक्त सबको मारता है, पर इस दुकान में वक्त खुद मर चुका है।" शहर के एक ऐसे अंधेरे कोने में, जहाँ रोशनी भी जाने से कतराती है, एक पुरानी और धूल भरी दुकान खड़ी है—'The Midnight Shop'। यहाँ पुरानी घड़ियाँ ठीक नहीं की जातीं, बल्कि यहाँ उन लोगों की किस्मत की मरम्मत होती है, जिनका समय 'परलोक' सिधारने से पहले ही थम गया है। लेकिन इस रहस्यमयी दुकान के पीछे की कहानी किसी रूहानी डरावने सपने से कम नहीं है। कहानी की शुरुआत होती है एक होनहार साइंटिस्ट विहान की मौत से। एक गुप्त प्रयोगशाला विस्फोट में विहान का शरीर राख हो जाता है, लेकिन उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलती। वह होश में आता है एक आवारे लड़के ऋषान के शरीर में, जो उसी 'मिडनाइट शॉप' का मालिक था। विहान अब एक 'ज़िंदा लाश' है—उसके हाथ की नसें नीली पड़ चुकी हैं, नाखून कोयले की तरह काले हैं, और उसके सीने में दिल नहीं, बल्कि एक प्राचीन 'रेडियो-वॉच' धड़कती है। विहान को जल्द ही अहसास होता है कि उसकी मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक खौफनाक साजिश थी। इस साजिश का सूत्रधार है भौकाल—एक ऐसा समय का शिकारी (Time Hunter), जो इंसानों की यादें और उनका 'अतीत' चुराकर अमर होना चाहता है। भौकाल की नज़र अब विहान की प्रेमिका निशा पर है, जिसे वह समय के एक ऐसे भंवर में फंसाना चाहता है जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं। विहान के साथ इस खतरनाक सफर में खड़ा है जोगेंद्र सिंह, एक सनकी रिटायर्ड जासूस, जिसका खुद का अतीत रहस्यों के घेरे में है। क्या जोगेंद्र वाकई विहान का हमदर्द है, या वह भौकाल का भेजा हुआ कोई मोहरा? जैसे-जैसे रात गहराती है, दुकान की दीवारें हिलने लगती हैं। छत से एक 'बिना चेहरे वाली औरत' उलटी लटककर मौत का बुलावा देती है। 12 बजते ही दुकान का रेडियो भविष्य की भयानक चीखें सुनाने लगता है। विहान को अपनी काली उंगलियों की उन शक्तियों का सामना करना है जो समय को 5 सेकंड पीछे मोड़ तो सकती हैं, लेकिन बदले में उसकी आत्मा का एक हिस्सा छीन लेती हैं।
Disclaimer: This show may contain expletives, strong language, and mature content for adult listeners, including sexually explicit content and themes of violence. This is a work of fiction and any resemblance to real persons, businesses, places or events is coincidental. This show is not intended to offend or defame any individual, entity, caste, community, race, religion or to denigrate any institution or person, living or dead. Listener's discretion is advised.
E1. समय का अंतिम स्टेशन
E2. बीते हुए कल की दस्तक
E3. वक़्त का अपराधी
E4. यादों का कब्रिस्तान
E5. रेडियो वॉच का श्राप
E6. सायों का षड्यंत्र


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