
कालद्वार
दिल्ली की एक साधारण लड़की आर्या, जिसकी दुनिया किताबों और सपनों तक सीमित थी, अचानक एक रहस्यमयी संदेशों की श्रृंखला में उलझ जाती है। हर रात, एक अज्ञात नंबर से....
दिल्ली की एक साधारण लड़की आर्या, जिसकी दुनिया किताबों और सपनों तक सीमित थी, अचानक एक रहस्यमयी संदेशों की श्रृंखला में उलझ जाती है। हर रात, एक अज्ञात नंबर से आने वाले संदेश उसे इतिहास के टूटने और समय के जागने की चेतावनी देते हैं। जब एक प्राचीन शिव लिंग की तस्वीर और 'कालद्वार' शब्द उसके फोन पर चमकते हैं, तो आर्या खुद को हरिद्वार की एक बस में पाती है, जैसे कोई अदृश्य शक्ति उसे खींच रही हो। एक रहस्यमयी साधु उसे चेतावनी देता है कि अगर इतिहास बदल गया, तो पूरा संसार जल जाएगा। लेकिन इससे पहले कि आर्या कुछ समझ पाती, वह खुद को एक जलते हुए जंगल और तलवारों की गूँज के बीच पाती है, जहाँ प्राचीन सैनिक उसे 'मायालोक की दूत' कहकर पकड़ने दौड़ते हैं। तभी, आग के एक विशाल चक्र के भीतर, एक चेहरा उभरता है—रावण का। वह आर्या को ऐसे देख रहा है, जैसे सदियों से उसका इंतज़ार कर रहा हो। क्या आर्या अनजाने में किसी ऐसे युग में पहुँच गई है जहाँ समय खुद कैद है, और रावण उसका नाम कैसे जानता है?