
एक था विलेन
यह कहानी अंशिका चोपड़ा की है—एक ऐसी लड़की जिसकी खूबसूरती उसके चेहरे से ज्यादा उसके दिल में बसती है। कुछ साल पहले बचपन में किया गया एक मासूम वादा आज....
यह कहानी अंशिका चोपड़ा की है—एक ऐसी लड़की जिसकी खूबसूरती उसके चेहरे से ज्यादा उसके दिल में बसती है। कुछ साल पहले बचपन में किया गया एक मासूम वादा आज भी उसके दिल में जिंदा है। भले ही समय बीत गया, यादें धुंधली हो गईं, लेकिन उस एक अनकहे रिश्ते की चाहत उसके भीतर अब भी उतनी ही गहरी है। बारहवीं कक्षा में पूरे स्कूल में टॉप करने के बावजूद अंशिका के चेहरे पर खुशी नहीं है। उसकी सबसे बड़ी ख्वाहिश है—भारत लौटकर उस इंसान को ढूंढना, जिससे वह छह साल की उम्र में बिछड़ गई थी। अपने भाई से छुपकर, सिर्फ अपनी दोस्त सारा की मदद से, वह तेरह साल बाद इंडिया लौटती है। उसके दिल में उम्मीद है, लेकिन उसे अंदाज़ा नहीं कि उसके कदमों पर किसी की नजर है। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही कुछ रहस्यमयी बॉडीगार्ड्स उसे घेर लेते हैं। आखिर वे कौन हैं? कौन है वह “बॉस” जो उसके आने का इंतज़ार कर रहा था? अंशिका का अतीत क्या सच में सिर्फ एक मासूम याद है, या उसके पीछे छिपा है कोई बड़ा राज? यह कहानी प्यार, इंतज़ार, रहस्य और आने वाले खतरे की शुरुआत है।
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