
उसकी हिफाज़त मेरा इश्क़
एक आलीशान रेस्तरां में, जहाँ सिर्फ़ शहर के नामी लोग आते हैं, एक तेज़-तर्रार लड़की अनन्य सिंघानिया, देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक, अर्जुन रंधावा के बॉडीगार्ड दुष्यंत....
एक आलीशान रेस्तरां में, जहाँ सिर्फ़ शहर के नामी लोग आते हैं, एक तेज़-तर्रार लड़की अनन्य सिंघानिया, देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक, अर्जुन रंधावा के बॉडीगार्ड दुष्यंत राणा से टकरा जाती है। जूस का गिलास दुष्यंत के महंगे सूट पर गिरते ही, दोनों के बीच शब्दों की जंग छिड़ जाती है। अनन्य, जो अपनी आज़ादी और बेबाक अंदाज़ के लिए जानी जाती है, दुष्यंत के शांत, मगर तीखे जवाबों से हैरान रह जाती है। दुष्यंत, जो सिर्फ़ अपने काम पर ध्यान देता है, अनन्य की चुलबुली बातों से थोड़ा विचलित होता है, लेकिन उसके चेहरे पर एक हल्की मुस्कान आ जाती है। क्या यह सिर्फ़ एक इत्तेफ़ाक था, या नियति ने इन दो विपरीत शख्सियतों के लिए कुछ और ही लिख रखा है?