
Eternal God Emperor
आर्यन शर्मा, पिचवाड़िया कस्बे का एक कुशाग्र और सम्मानित विद्वान है, जिसका भविष्य बेहद उज्जवल है। लेकिन उसकी दुनिया तब पलक झपकते ही उजड़ जाती है, जब आसमान से उतरे....
आर्यन शर्मा, पिचवाड़िया कस्बे का एक कुशाग्र और सम्मानित विद्वान है, जिसका भविष्य बेहद उज्जवल है। लेकिन उसकी दुनिया तब पलक झपकते ही उजड़ जाती है, जब आसमान से उतरे एक अहंकारी 'अमर ऋषि' (ऋषि वज्रबाहु) के सामने वह घुटने टेकने से मना कर देता है। सजा के तौर पर, उसकी सारी उपाधियाँ शून्य कर दी जाती हैं, उसकी मंगेतर मीरा उसे अपनी अमर महत्वाकांक्षाओं के लिए छोड़ देती है, और उसके सबसे वफादार साथी (उसके घोड़े, पवन) को बेरहमी से जलाकर राख कर दिया जाता है। एक 'प्राण तत्व' ( ) के बिना, आर्यन को ऋषियों की इस जादुई दुनिया में एक अछूत और कमज़ोर कीड़ा मान लिया जाता है। जब हर तरफ से मौत और बेइज़्ज़ती उसे घेर लेती है, तब हवेली में रहने वाली एक रहस्यमयी स्त्री—माया—उसे एक ऐसा रास्ता दिखाती है जो देवताओं का नहीं, बल्कि दानवों का है। वह उसे सिखाती है 'महारण्य का द्वादश महा-असुर तंत्र'—एक ऐसा खौफनाक और वर्जित मार्ग जहाँ शरीर को वज्र बनाने के लिए ब्रह्मांड के नियम तोड़ने पड़ते हैं। अब आर्यन के हाथ में कोई शास्त्र नहीं, बल्कि एक खंजर है। जो समाज उसे कमज़ोर समझकर कुचलना चाहता है और जो देवता आसमान से बैठकर इंसानों को कीड़े समझते हैं, आर्यन शर्मा उन सबका गुरूर तोड़ने आ रहा है। यह कहानी केवल प्रतिशोध की नहीं है; यह एक नश्वर इंसान की उस हुंकार की कहानी है जो अमर देवताओं के सिंहासन हिला देगी!