
Infinite Breakthrough
एक साधारण इंसान की किस्मत उसे दूसरी दुनिया में ले गई… लेकिन वहां उसे शुरुआत ही एक शक्तिशाली गुरु के रूप में मिली! धरती का एक सामान्य युवक अचानक ट्रांसमाइग्रेट होकर....
एक साधारण इंसान की किस्मत उसे दूसरी दुनिया में ले गई… लेकिन वहां उसे शुरुआत ही एक शक्तिशाली गुरु के रूप में मिली! धरती का एक सामान्य युवक अचानक ट्रांसमाइग्रेट होकर एक रहस्यमयी साधना की दुनिया—आर्यावर्त महाद्वीप—में पहुंच जाता है। उसका नया नाम है कबीर। लेकिन यह कोई साधारण पुनर्जन्म नहीं था। कबीर के पास एक रहस्यमयी सिस्टम है, और नई दुनिया में उसकी शुरुआत किसी कमजोर व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि स्वर्गीय तलवार संप्रदाय के सबसे युवा मुख्य एल्डर के रूप में होती है। सिर्फ 21 साल की उम्र में कबीर दिव्य आत्मा—स्टेज 1 तक पहुंच चुका है और पूरे संप्रदाय के केवल पांच दिव्य आत्मा विशेषज्ञों में से एक है। उसकी ताकत इतनी भयानक है कि वह अकेले एक शहर को तबाह कर सकता है। लेकिन कबीर की नजर सिर्फ वर्तमान ताकत पर नहीं है। उसके सामने एक ऐसा संसार है जहां दिव्य आत्मा के ऊपर आत्मा रूपांतरण, दिव्य रूपांतरण, शून्य साधना, संत, संत सम्राट और सम्राट अवस्था जैसे अनगिनत ऊंचे स्तर मौजूद हैं। और कबीर का लक्ष्य है—इस दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचना। तभी उसका सिस्टम उसे एक अजीब मिशन देता है: एक शिष्य को नींव निर्माण स्तर तक पहुंचाओ। और एक दूसरा मिशन— 10 या उससे अधिक टैलेंट वाला शिष्य ढूंढो। इनाम में उसे साधना के एक छोटे स्टेज की सीधी बढ़ोतरी और तलवार की चेतना जैसी दुर्लभ शक्ति मिल सकती है। समस्या सिर्फ इतनी है कि कबीर को किसी को शिष्य बनाने में जरा भी दिलचस्पी नहीं है। उसे लड़ाई से ज्यादा शांति पसंद है, उसे आराम से बैठना, चाय पीना और किताब पढ़ना अच्छा लगता है। लेकिन सिस्टम के मिशन ने उसकी आराम की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। अब उसे स्वर्गीय तलवार संप्रदाय के नए बाहरी शिष्यों के एंट्रेंस एग्जाम में जाना होगा। शायद वहां उसे ऐसा प्रतिभाशाली शिष्य मिल जाए जो उसकी पूरी किस्मत बदल दे। लेकिन क्या एक आलसी और बेहद शक्तिशाली एल्डर एक महान गुरु बन पाएगा? क्या उसे वह असाधारण प्रतिभा मिल पाएगी जिसकी तलाश सिस्टम कर रहा है? और अगर कबीर अपने शिष्यों को लगातार मजबूत करने लगे… तो आखिरकार उसका अपना शिष्य कितना शक्तिशाली बनेगा—और कबीर खुद किस ऊंचाई तक पहुंचेगा? यह कहानी है ट्रांसमाइग्रेशन, सिस्टम, साधना, तलवार, गुरु-शिष्य संबंध और एक ऐसे कबीर की, जिसकी असली यात्रा अभी शुरू ही हुई है।