
Mohalle Ki Galiyon Ka Ish
Mohalle ki Galiyon ka Ishq” * कहानी: “Mohalle ki Galiyon ka Ishq” सद्दाम अपने मोहल्ले की एक छोटी-सी फैक्ट्री में काम करता था। सुबह-सुबह जब लोग अभी नींद से उठते ही थे,....
Mohalle ki Galiyon ka Ishq” * कहानी: “Mohalle ki Galiyon ka Ishq” सद्दाम अपने मोहल्ले की एक छोटी-सी फैक्ट्री में काम करता था। सुबह-सुबह जब लोग अभी नींद से उठते ही थे, वो अपने झोले में टिफिन रखकर निकल जाता। थकान भरी ज़िंदगी थी, लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा सुकून भरी मुस्कान रहती। उसी मोहल्ले में रहती थी सजिया। नन्ही-सी, भोली-सी लड़की जो मोहल्ले के स्कूल में 7th class में पढ़ती थी। उसके बाल हमेशा दो चोटी में बंधे रहते और हाथ में किताबें। सद्दाम रोज़ सुबह फैक्ट्री जाते वक्त मोहल्ले के नुक्कड़ पर सजिया को स्कूल जाते देखता। उसकी मासूमियत और किताबों में खोए रहने का अंदाज़ सद्दाम को अंदर से छू जाता।